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MOTIVATION✍

 जब आप से पढाई ना हो और मन नही लगे तो एक बार इसे पढ़ लेना शायद पढाई होने लगे ............. आज मायूस है तू आज डरा हुआ है तू आखिर क्या मायूस होना जीत है क्या डर के खामोस बैठ जाना जीत है अरे तू कभी ख़ुद्दार हुआ करता था अरे तू कभी रातो पढ़ा करता था फिर आज ये डर कैसा, ये मायूसी कैसी? क्या भूल गया वो पल जब तूने घर से बैग उठाया था क्या बोला था दोस्त को ,क्या बोला था जलने वालो लोगो को अरे उस वक्त को याद कर जब तू अलग था, अरे वो वक्त याद कर जब तू ट्रेन में बैठा था, अरे उस मुसाफिर को याद कर जिसे ias बनने की ट्रेन में बोला था, याद आ गये ना वो दिन जब सपनों को इज्जत माना जाता था, याद आ गये ना वो दिन जब दोस्त को पढाई के बहाने ना बोला जाता था याद कर वो दिन जब अकेले में किसी को कहा था की ias बनूंगा, क्यों चुप है अब, क्यों सोया है अब , अरे दो दिन में पहाड़ नही उखड़ते अरे अपनी आत्मा को जगा,, अपनी शक्ति को पहचान,, मेरे दोस्त तू ही एक है जो तेरे सपने पूरे कर पायेगा कोई और नही याद कर उस मजदूर को जिसे रोटी नही मिलती, याद कर उस बच्चे को जिसकी जिन्दगी प्लेटफार्म पर पलती अरे याद कर उस दिन को जब तेरी आँखों के साम...

डीआईजी नवनीत सिकेरा की एक बेहद मार्मिक स्टोरी

 डीआईजी नवनीत सिकेरा ने एक *बेहद मार्मिक स्टोरी* पोस्ट की।  एक *जज अपनी पत्नी को क्यों दे रहे हैं तलाक???*।  *""रोंगटे खड़े"" कर देने वाली स्टोरी* को जरूर पढ़े और लोगों को शेयर करें।  कल रात एक ऐसा वाकया हुआ जिसने मेरी *ज़िन्दगी के कई पहलुओं को छू लिया*. करीब 7 बजे होंगे,  शाम को मोबाइल बजा । उठाया तो *उधर से रोने की आवाज*... मैंने शांत कराया और पूछा कि *भाभीजी आखिर हुआ क्या*? उधर से आवाज़ आई.. *आप कहाँ हैं??? और कितनी देर में आ सकते हैं*? मैंने कहा:- *"आप परेशानी बताइये"*। और "भाई साहब कहाँ हैं...?माताजी किधर हैं..?" "आखिर हुआ क्या...?" लेकिन  *उधर से केवल एक रट कि "आप आ जाइए"*, मैंने आश्वाशन दिया कि *कम से कम एक घंटा पहुंचने में लगेगा*. जैसे तैसे पूरी घबड़ाहट में पहुँचा; देखा तो भाई साहब [हमारे मित्र जो जज हैं] सामने बैठे हुए हैं;  *भाभीजी रोना चीखना कर रही हैं* 12 साल का बेटा भी परेशान है; 9 साल की बेटी भी कुछ नहीं कह पा रही है। मैंने भाई साहब से पूछा कि *""आखिर क्या बात है""*??? *""भाई साहब को...

सबसे_कीमती_चीज

  एक जाने-माने स्पीकर ने हाथ में पांच सौ का नोट लहराते हुए अपनी सेमीनार शुरू की. हाल में बैठे सैकड़ों लोगों से उसने पूछा ,” ये पांच सौ का नोट कौन लेना चाहता है?” हाथ उठना शुरू हो गए. फिर उसने कहा ,” मैं इस नोट को आपमें से किसी एक को दूंगा पर उससे पहले मुझे ये कर लेने दीजिये .” और उसने नोट को अपनी मुट्ठी में चिमोड़ना शुरू कर दिया. और फिर उसने पूछा,” कौन है जो अब भी यह नोट लेना चाहता है?” अभी भी लोगों के हाथ उठने शुरू हो गए. “अच्छा” उसने कहा,” अगर मैं ये कर दूं ? ” और उसने नोट को नीचे गिराकर पैरों से कुचलना शुरू कर दिया. उसने नोट उठाई , वह बिल्कुल चिमुड़ी और गन्दी हो गयी थी. ” क्या अभी भी कोई है जो इसे लेना चाहता है?”. और एक बार फिर हाथ उठने शुरू हो गए. ” दोस्तों , आप लोगों ने आज एक बहुत महत्त्वपूर्ण पाठ सीखा है. मैंने इस नोट के साथ इतना कुछ किया पर फिर भी आप इसे लेना चाहते थे क्योंकि ये सब होने के बावजूद नोट की कीमत घटी नहीं,उसका मूल्य अभी भी 500 था. जीवन में कई बार हम गिरते हैं, हारते हैं, हमारे लिए हुए निर्णय हमें मिटटी में मिला देते हैं. हमें ऐसा लगने लगता है कि हमारी कोई की...

प्रेरणादायक कहानी

 एक बार एक व्यक्ति शहर में रास्ते पर चलते हुए जा रहा था। अचानक ही वह एक सर्कस के बाहर रुक गया और वहां रस्सी से बंधे हुए एक हाथी को देकने लगा और सोचने लगा । वह सोच रहा था कि जो हाथी जाली, मोटे चैन या कड़ी को भी तोड़ देने की शक्ति रखता है वह एक साधारण रस्सी से बंधे होने पर भी कुछ नहीं कर रहा है । उस व्यक्ति नें तभी देखा कि हाथी के पास में एक ट्रेनर(trainer) खड़ा था । यह देखकर उस व्यक्ति ने ट्रेनर से पुछा ! यह हाथी अपनी जगह से इधर उधर क्यों नहीं भागता या रस्सी क्यों नहीं तोड़ता है ? उसने जवाब दिया ! जब यह हाथी छोटा था तब भी हम इसी रस्सी से इसे बांधते थे । जब यह हाथी छोटा था तब यह बार बार इस रस्सी को तोड़ने की कोशिश करता था पर कभी तोड़ नहीं पाया और बार बार कोशिश करने के कारण हाथी को यह विश्वास हो गया कि रस्सी को तोडना असंभव है । जबकी आज वह रस्सी को तोड़ने की ताकत रखता फिर भी वह या सोच कर कोशिश भी नहीं कर रहा है कि पूरा जीवन में इस रस्सी को तोड़ नहीं पाया तो आब क्या तोड़ पाउँगा । यह सुनकर वह व्यक्ति दंग रह गया । उस हाथी की तरह हममे से भी कई लोग ऐसे हैं जो अपने जिंदगी में कोशिश करना छोड़ चुके हैं ...

असिस्टेंट कमिश्नर राजनाथ तिवारी जी की यह रचना जरूर पढिऐ।

 एक सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी। लेकिन पढ़ तू। मित्र नहीं,एकाकी रह तू। महल नहीं है,कुटी में रह तू। शाल नहीं है,जाड़ा सह तू। फटे पुराने वस्त्र पहन तू। अन्न नहीं है,भूखा रह तू। एक वक्त ही भोजन कर तू। अर्थ नहीं है,तो श्रम कर तू। शक्ति हीन है,गाली सह तू। खुले गगन के नीचे रह तू। कार नहीं है,पैदल चल तू। लेकिन पढ़ तू,लेकिन पढ़ तू। बार बार की असफलता में, हारे मन की व्याकुलता में, स्वजन वृन्द की कर्कशता में, भाव हृदय की कोमलता में, बार बार गृह परिवर्तन में, उपहासों के तीव्र तपन में, अवरोधों के परिवर्धन में, आधि व्याधि के आवर्तन में, जीवन सरि के कल कछार में, व्यथा-नीर-असिवन्त धार में, स्वयं को गढ़ तू,स्वयं को गढ़ तू। छाई हों घनघोर घटाएं, चहुँ दिशि आती क्रूर हवाएँ, कहर ढा रही हों विपदाएँ, यामिनि रौद्र रूप दिखलाये, पंथ लीलता अन्धकार हो, सौ सौ रिपुवों का प्रहार हो, नाव उलझती बीच धार हो, पीणा तन के आर पार हो, कोई तेरे साथ न आये, तू प्रभात को खोज न पाये, फिर भी चल तू,फिर भी चल तू।

इंदौर के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर का दुःखद केस

सामाजिक चेतावनी- ये किसी के साथ भी हो सकता है ।18 लाख का पैकेज यानी डेढ़ लाख महीना..दोनों बच्चे DPS में पढ़ते थे..Work from Home की सुविधा थी तो काम के साथ शेयर बाजार में ट्रेडिंग का भी धंधा.पिछले महीने नौकरी गई..और इस महीने पूरे परिवार की खुदकुशी.जबकि मां को पेंशन मिलती थी..ससुराल वालों की भी आर्थिक स्थिति अच्छी थी...जब से ये खबर पढ़ी है..मन व्यथित है. इसी पर कुछ विचार. इकोनॉमी की जैसी हालत है..अभी और हज़ारों-लाखों लोगों की नौकरी जाएगी..कल को मेरी नौकरी भी जा सकती है. वैसे भी जैसे-जैसे उम्र और सैलरी बढ़ती जाती है..पुरानी नौकरी जाने की संभावना उतनी ही ज़्यादा और नई नौकरी मिलने की संभावना उतनी ही कम रहती है तो फिर क्या करें ? 1-बचत...आज भी इसका कोई विकल्प नहीं है. आपकी सैलरी 2,00,000 हो या 20,000 की। एक निश्चित रकम हमेशा बचाएं। कम से कम 6 महीने का बफर स्टॉक तो रखें। अगर आप डेढ़ लाख महीना कमाने के बावजूद नौकरी जाने के महज एक महीने के भीतर आत्महत्या कर लें..आपका डेबिट और क्रेडिट कार्ड खाली हो तो ये मानिए कहीं ना कहीं गलती आपकी भी रही होगी। 2- शौक के हिसाब से नहीं ज़रूरत के हिसाब से रह...
1."सबको खुश रखना जीवित मेंढको को तराजू में तोलने जैसा मुश्किल है एक को पकड़ कर बैठाओ तो दूसरा कुंद जाएगाl"   2. "आपकी खाली जेब एक शिक्षक के तौर पर आपको बहुत चीजें सिखाती है आपकी भरी जब आपको बहुत शिष्य दिलाती है" 3."आप कितना भी उस इंसान को समझा लो जो ब्रेकअप के बाद दुखी है l आपकी बात मानते हुए उस समयअपनी कितनी भी मुंडी हिला लेl पर वह अपना टाइम लेकर ही ब्रेकअप से बाहर आएगा " 4.'आप किसी के लिए हमेशा उपलब्ध रहोगे तो आप की अहमियत घर की मुर्गी दाल बराबर कि रहेगीl' 5."जिसने आपको गुस्सा दिला दिया! उसने आपको अपने नियंत्रण में ले लियाl आपको आपकी हार मुबारक हो" 6.'अगर आपको निखरना हैl तो बिखरना जरूरी है हार आपको पॉलिश करती हैl"

Motivational quotes

  1. "जब भी किसी से मिले तो हंसी खुशी से मिले, यह आपको हमेशा सकारात्मक उर्जा से भरपूर रखेगाl" 2."आपके अपने कैसे भी हो उनसे कभी किनारा ना करें; जब आप दुनिया छोड़कर जा रहे होंगे तो आप को कंधा देने वाले यही लोग होंगे" ३. "किसी से भी अपेक्षा मत रखिए आपका ताउम्र खुश रहेंगे" 4. "अपनी कमाई का एक निश्चित हिस्सा सामाजिक कार्यों पर जरूर खर्च कीजिए यकीन मानिए आप मर कर भी जिंदा रहेंगे" 5. "असफलता सफलता की तरफ पहला कदम है कभी भी हार मत मानिए"

Motivational quotes

  1."अपने डॉक्टर और वकील से कुछ भी मत छुपाईएl क्यूंकी आपका काम तब ही हो पायेगा "  2. "हमेशा मुस्कुराये हर 30 मिनट के बाद 30 सेकंड तक जोर से हंसे, इससे आपकी Productivity और मानसिक ऊर्जा बढेगी" 3."कर्ज के चक्रव्यूह में न पडेl कर्ज़ आपके ऊपर बोझ बने उस्से पहले अपने सभी कर्ज़ उतार दोl" 4. "भोजन की तारीफ करे जब आप किसी के घर मैं खाना खाने जाते हेl" 5. "प्यार और करियर में से एक चुनना हो  कैरियर चुनिये क्यूंकी खली पेट प्यार की भाषा नहीं जानताl"