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यह शिक्षाप्रद कहानी 'Five Monkies Experiment' का हिन्दी अनुवाद है। यह कहानी इंटरनेट पर काफी शेयर कि गई हैं। इसलिए मैं यहां इसका हिंदी अनुवाद कर प्रस्तुत कर रही हूं। आशा है आपको यह कहानी पसंद आएगी।

एक बार की बात है कुछ वैज्ञानिकों ने मिलकर बड़ा ही दिलचस्प प्रयोग किया। वैज्ञानिकों ने एक बड़े से पिंजरे में 5 बंदरों को बंद कर दिया और उसके बीच में एक सीढ़ी खड़ी कर दी जिसके ऊपरी छोर पर केले लटक रहे थे। जैसी कि उम्मीद थी, जैसे ही उनमें से एक बंदर की नज़र केलों पर पड़ी वह बंदर केले खाने के लिए दौड़ पड़ा, लेकिन जैसे ही उसने अभी कुछ ही सीढ़ियां चढ़ी थी कि अचानक उस पर ऊपर से तेज पानी की बौछार कर दी गई; जिससे उसे पीछे उतरकर भागना पड़ा। पर यह प्रयोग यही खत्म नहीं हुआ, वैज्ञानिकों ने एक बंदर की किये कि सजा अन्य बंदरों को भी दे दी और सभी पर ठंडे पानी की बौछार कर दिया। डरे-सहमे सभी बंदर एक कोने में दुबक गए। खैर, बंदर तो बंदर ही होते हैं। बेचारे कब तक ऐसे दुबके बैठे रहते, कुछ वक्त के पश्चात एक दूसरे बंदर को केलों को देख खाने का मन कर दिया, और वह भी ईधर-उधर कुदते हुए सीढ़ी की तरफ जाने लगा.....अभी उस बंदर ने चढ़ना ही शुरू किया था कि उस पर भी पानी की बौछार कर उसे नीचे भेज दिया गया....और इस बार फिर इस बंदर की गलती की सजा बाकी सारे बंदरों को भी दी गई। दुबारा सारे बंदर डर कर एक कोने में बैठ गए। कुछ समय बाद जब तीसर...
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जरूर पढ़ें👇मोटिवेशनल स्टोरी👇 जो वर्तमान समय के ज्यादातर युवाओं पर फिट बैठती है जो अपनी योग्यता से ज्यादा विभिन्न लोगो की राय पर चलते है और अंततः असफलता में उलझकर रह जाते है 👇

एक मकड़ी थी. उसने आराम से रहने के लिए एक शानदार जाला बनाने का विचार किया और सोचा की इस जाले मे खूब कीड़ें, मक्खियाँ फसेंगी और मै उसे आहार बनाउंगी और मजे से रहूंगी . उसने कमरे के एक कोने को पसंद किया और वहाँ जाला बुनना शुरू किया. कुछ देर बाद आधा जाला बुन कर तैयार हो गया. यह देखकर वह मकड़ी काफी खुश हुई कि तभी अचानक उसकी नजर एक बिल्ली पर पड़ी जो उसे देखकर हँस रही थी. मकड़ी को गुस्सा आ गया और वह बिल्ली से बोली , ” हँस क्यो रही हो?”    “हँसू नही तो क्या करू.” , बिल्ली ने जवाब दिया , ” यहाँ मक्खियाँ नही है ये जगह तो बिलकुल साफ सुथरी है, यहाँ कौन आयेगा तेरे जाले मे.” ये बात मकड़ी के गले उतर गई. उसने अच्छी सलाह के लिये बिल्ली को धन्यवाद दिया और जाला अधूरा छोड़कर दूसरी जगह तलाश करने लगी. उसने ईधर ऊधर देखा. उसे एक खिड़की नजर आयी और फिर उसमे जाला बुनना शुरू किया कुछ देर तक वह जाला बुनती रही , तभी एक चिड़िया आयी और मकड़ी का मजाक उड़ाते हुए बोली , ” अरे मकड़ी , तू भी कितनी बेवकूफ है.” “क्यो ?”, मकड़ी ने पूछा. चिड़िया उसे समझाने लगी , ” अरे यहां तो खिड़की से तेज हवा आती है. यहा तो तू अप...

ईमानदारी की कहानी – ईमानदारी ही सबसे बड़ा धन है

    मुरारी लाल अपने गाँव के सबसे बड़े चोरों में से एक था। मुरारी रोजाना जेब में चाकू डालकर रात को लोगों के घर में चोरी करने जाता। पेशे से चोर था लेकिन हर इंसान चाहता है कि उसका बेटा अच्छे स्कूल में पढाई करे तो यही सोचकर बेटे का एडमिशन एक अच्छे पब्लिक स्कूल में करा दिया था। मुरारी का बेटा पढाई में बहुत होशियार था लेकिन पैसे के अभाव में 12 वीं कक्षा के बाद नहीं पढ़ पाया। अब कई जगह नौकरी के लिए भी अप्लाई किया लेकिन कोई उसे नौकरी पर नहीं रखता था। एक तो चोर का बेटा ऊपर से केवल 12 वीं पास तो कोई नौकरी पर नहीं रखता था। अब बेचारा बेरोजगार की तरह ही दिन रात घर पर ही पड़ा रहता। मुरारी को बेटे की चिंता हुई तो सोचा कि क्यों ना इसे भी अपना काम ही सिखाया जाये। जैसे मैंने चोरी कर करके अपना गुजारा किया वैसे ये भी कर लेगा। यही सोचकर मुरारी एक दिन बेटे को अपने साथ लेकर गया। रात का समय था दोनों चुपके चुपके एक इमारत में पहुंचे। इमारत में कई कमरे थे सभी कमरों में रौशनी थी देखकर लग रहा था कि किसी अमीर इंसान की हवेली है।   मुरारी अपने बेटे से बोला – आज हम इस हवेली में चोरी करेंगे, मैंने यहाँ पहले ...

फूटा घड़ा

बात उन दिनों की है जब दुनिया में आज की तरह पानी की सुविधा नहीं थी। लोगों को दूर जाकर नदी से पानी लाना होता था। किसी गाँव में एक गरीब किसान रहता था जो मेहनत मजदूरी करके अपना पेट भरता था। वह किसान रोजाना दूर किसी नदी से पानी लाया करता था। किसान रोज सुबह सूर्योदय से पहले ही उठता और अपने 2 घड़ों को एक डंडे में बांधता और डंडे को कंधे पर रखकर पानी लेने नदी की ओर चल देता। किसान की पिछले कई सालों से यही दिनचर्या थी। किसान के उन दो घड़ों में से एक घड़ा फूटा हुआ था। किसान नदी से तो दोनों घड़े भरकर लाता लेकिन घर आते आते फूटे घड़े से आधा पानी रास्ते में ही गिर जाता था। घर आते आते किसान के पास सिर्फ डेढ़ घड़ा पानी ही बचता था। लेकिन किसान कभी भी इस बात को लेकर चिन्तित नहीं होता था। फूटे घड़े को खुद में बहुत शर्मिंदगी महसूस होती थी कि बेचारा किसान सुबह उठकर दूर तक पैदल जाता है और मैं बदले में उसे क्या देता हूँ ? उसकी आधी मेहनत खराब कर देता हूँ। वहीँ दूसरा घड़ा खुद पे गर्व महसूस करता था कि मैं पूरा पानी लेकर आता हूँ और अपने मालिक की मेहनत को बर्बाद नहीं होने देता।   रोजाना की तरह किसान एक सुबह जैसे ही दोनो...

कहानी जो दिल छू जाये

  एक प्रोफेसर अपनी क्लास में कहानी सुना रहे थे, जोकि इस प्रकार है – एक बार समुद्र के बीच में एक बड़े जहाज पर बड़ी दुर्घटना हो गयी. कप्तान ने शिप खाली करने का आदेश दिया. जहाज पर एक युवा दम्पति थे. जब लाइफबोट पर चढ़ने का उनका नम्बर आया तो देखा गया नाव पर केवल एक व्यक्ति के लिए ही जगह है. इस मौके पर आदमी ने औरत को धक्का दिया और नाव पर कूद गया. डूबते हुए जहाज पर खड़ी औरत ने जाते हुए अपने पति से चिल्लाकर एक वाक्य कहा. अब प्रोफेसर ने रुककर स्टूडेंट्स से पूछा – तुम लोगों को क्या लगता है, उस स्त्री ने अपने पति से क्या कहा होगा ? ज्यादातर विद्यार्थी फ़ौरन चिल्लाये – स्त्री ने कहा – मैं तुमसे नफरत करती हूँ ! I hate you ! प्रोफेसर ने देखा एक स्टूडेंट एकदम शांत बैठा हुआ था, प्रोफेसर ने उससे पूछा कि तुम बताओ तुम्हे क्या लगता है ? वो लड़का बोला – मुझे लगता है, औरत ने कहा होगा – हमारे बच्चे का ख्याल रखना ! प्रोफेसर को आश्चर्य हुआ, उन्होंने लडके से पूछा – क्या तुमने यह कहानी पहले सुन रखी थी ? लड़का बोला- जी नहीं, लेकिन यही बात बीमारी से मरती हुई मेरी माँ ने मेरे पिता से कही थी. प्रोफेसर ने दुखपूर्...

क्रोध

  एक राजा घने जंगल में भटक गया, राजा गर्मी और प्यास से व्याकुल हो गया।          इधर उधर हर जगह तलाश करने पर भी उसे कहीं पानी नही मिला।          प्यास से गला सूखा जा रहा था।             तभी उसकी नजर एक वृक्ष पर पड़ी जहाँ एक डाली से टप टप करती थोड़ी -थोड़ी पानी की बून्द गिर रही थी।             वह राजा उस वृक्ष के पास जाकर नीचे पड़े पत्तों का दोना बनाकर उन बूंदों से दोने को भरने लगा।          जैसे तैसे बहुत समय लगने पर आखिर वह छोटा सा दोना भर ही गया।          राजा ने प्रसन्न होते हुए जैसे ही उस पानी को पीने के लिए दोने को मुँह के पास लाया तभी वहाँ सामने बैठा हुआ एक तोता टें टें की आवाज करता हुआ आया उस दोने को झपट्टा मार कर सामने की और बैठ गया उस दोने का पूरा पानी नीचे गिर गया।           राजा निराश हुआ कि बड़ी मुश्किल से पानी नसीब हुआ और वो भी इस पक्षी ने गिरा दिया।         ...

सफलता के 21 मंत्र

👏1.खुद की कमाई  से कम           खर्च हो ऐसी जिन्दगी           बनाओ..! 👏2. दिन  में कम  से कम            3 लोगो की प्रशंसा करो..! 👏3. खुद की भूल स्वीकारने            में कभी भी संकोच मत            करो..! 👏4. किसी  के सपनों पर  हँसो            मत..! 👏5. आपके पीछे खडे व्यक्ति            को भी कभी कभी आगे            जाने का मौका दो..! 👏6. रोज हो सके तो सूरज को            उगता हुए देखें..! 👏7. खूब जरुरी हो तभी कोई           चीज उधार लो..! 👏8. किसी के पास  से  कुछ            जानना हो तो विवेक  से            दो बार...पूछो..! 👏9. कर्ज और शत्रु को कभी            बडा मत होने दो..!...

संघर्ष और अध्यापक

पिकासो (Picasso) स्पेन  में जन्मे एक अति प्रसिद्ध चित्रकार थे। उनकी पेंटिंग्स दुनिया भर में करोड़ों और अरबों रुपयों में बिका करती थीं...!! एक दिन रास्ते से गुजरते समय एक महिला की नजर पिकासो पर पड़ी और संयोग से उस महिला ने उन्हें पहचान लिया। वह दौड़ी हुई उनके पास आयी और बोली, 'सर, मैं आपकी बहुत बड़ी फैन हूँ। आपकी पेंटिंग्स मुझे बहुत ज्यादा पसंद हैं। क्या आप मेरे लिए भी एक पेंटिंग बनायेंगे...!!?' पिकासो हँसते हुए बोले, 'मैं यहाँ खाली हाथ हूँ। मेरे पास कुछ भी नहीं है। मैं फिर कभी आपके लिए एक पेंटिंग बना दूंगा..!!' लेकिन उस महिला ने भी जिद पकड़ ली, 'मुझे अभी एक पेंटिंग बना दीजिये, बाद में पता नहीं मैं आपसे मिल पाऊँगी या नहीं।' पिकासो ने जेब से एक छोटा सा कागज निकाला और अपने पेन से उसपर कुछ बनाने लगे। करीब 10 मिनट के अंदर पिकासो ने पेंटिंग बनायीं और कहा, 'यह लो, यह मिलियन डॉलर की पेंटिंग है।' महिला को बड़ा अजीब लगा कि पिकासो ने बस 10 मिनट में जल्दी से एक काम चलाऊ पेंटिंग बना दी है और बोल रहे हैं कि मिलियन डॉलर की पेंटिग है। उसने वह पेंटिंग ली और बिना कुछ बोले...

What is Karam? How it works? ☺: अनजाने कर्म का फल

  VERY INTRESTING एक राजा ब्राह्मणों को लंगर में महल के आँगन में भोजन करा रहा था । राजा का रसोईया खुले आँगन में भोजन पका रहा था । उसी समय एक चील अपने पंजे में एक जिंदा साँप को लेकर राजा के महल के उपर से गुजरी । तब पँजों में दबे साँप ने अपनी आत्म-रक्षा में चील से बचने के लिए अपने फन से ज़हर निकाला ।  तब रसोईया जो लंगर ब्राह्मणो के लिए पका रहा था, उस लंगर में साँप के मुख से निकली जहर की कुछ बूँदें खाने में गिर गई । किसी को कुछ पता नहीं चला । फल-स्वरूप वह ब्राह्मण जो भोजन करने आये थे उन सब की जहरीला खाना खाते ही मौत हो गयी । अब जब राजा को सारे ब्राह्मणों की मृत्यु का पता चला तो ब्रह्म-हत्या होने से उसे बहुत दुख हुआ । ऐसे में अब ऊपर बैठे यमराज के लिए भी यह फैसला लेना मुश्किल हो गया कि इस पाप-कर्म का फल किसके खाते में जायेगा .... ??? (1) राजा .... जिसको पता ही नहीं था कि खाना जहरीला हो गया है .... या (2 ) रसोईया .... जिसको पता ही नहीं था कि खाना बनाते समय वह जहरीला हो गया है .... या (3) वह चील .... जो जहरीला साँप लिए राजा के उपर से गुजरी .... या (4) वह साँप .... जिसने अपनी आत्म-रक्ष...